एक दिन तेरी ख़ुदाई के चर्चे हज़ारों होंगे
सूरत ही नहीं सीरत पर भी मरते लोग होंगे
तू मुस्का देगा अपनी तारीफों का शोर सुन के
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
ज़माने को तो तू नया सा नज़र आएगा
तेरे उजालों से तू उनके लिए नया सवेरा लाएगा
जब तेरे आँगन में रोशन चिराग हर रंग के होंगे
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
क़ामयाबी में अपनी सारी खुशियाँ तो तू मानेगा
पर उसको अपनी शोहरत नहीं हमारी देनगी जानेगा
कदम इस ओर मुड़े फिर भी फासले कम नहीं होंगे
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
तेरी दुनियाँ से दूर कहीं हम होंगे ज़ख़्मों में खोए
जैसे पत्थर तो हीरा बने पर हथौड़ी सिर्फ़ टेढ़ी होए
तेरी फ़ुर्कत में दिलों के ग़म कम तो ना होंगे
फिर भी चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
||Sshree||
सूरत ही नहीं सीरत पर भी मरते लोग होंगे
तू मुस्का देगा अपनी तारीफों का शोर सुन के
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
ज़माने को तो तू नया सा नज़र आएगा
तेरे उजालों से तू उनके लिए नया सवेरा लाएगा
जब तेरे आँगन में रोशन चिराग हर रंग के होंगे
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
क़ामयाबी में अपनी सारी खुशियाँ तो तू मानेगा
पर उसको अपनी शोहरत नहीं हमारी देनगी जानेगा
कदम इस ओर मुड़े फिर भी फासले कम नहीं होंगे
चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
तेरी दुनियाँ से दूर कहीं हम होंगे ज़ख़्मों में खोए
जैसे पत्थर तो हीरा बने पर हथौड़ी सिर्फ़ टेढ़ी होए
तेरी फ़ुर्कत में दिलों के ग़म कम तो ना होंगे
फिर भी चर्चे तो ख़ूब होंगे पर हम नहीं होंगे
||Sshree||
No comments:
Post a Comment